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Sunday, 15 September 2019

Counselling Supervision Data


Counselling Supervision Data
Civil services  - 
1.              व्यक्तित्व:                                                             
1.      सुबह उठना / घूमना
2.      न्यूज पढ़ना और देंखना
3.      रात / दिन में पढ़ना
4.      चेयर पर सींधे / नींचे आड़े होकर / कभी - कभी घूमते हुए पड़ना  
5.      पढ़ने के घंटे
6.       आप अपने आपको मानते है या आपके सहपाठी आपको गॉड गिफ्टेड कहकर पुकारते है।  
7.      …….

2.              लेखन क्षमता (Writing skill) :

1.      Writing speed (10)
2.      Writing Flow in straight line , same or no break (10)
3.      Writing cline (5)
4.      व्याकरण / पूर्ण-अल्प विराम / सिंगल – डबल इनवाइटेड कामा / कोलन एंड डेस आदि भाषाई चिन्हों का उपयोग (10)
5.      हिन्दी या अंग्रेजी में से किसी एक भाषा पर गहरी पकड़। मिक्स भाषा लिखना निषेध। इसमें आपकी भाषा पर ज्ञान / पकड़ का परीक्षण किया जाता है। (15)
6.      किसी भी विषय पर प्रस्तुतिकरण क्षमता (expression power)
7.      किसी भी विषय पर सामान्य समझ (common sense) रखते है या नहीं। यदि हां तो कितनी। चेक ......।
8.      बिन्दी -  से मिलकर हिन्दी बनी है। बिन्दी लगाने / उपयोग करने का विशेषतः करना जरूरी है। एकवचन – बहुवचन और न के उच्चारण अनुसार उपयोग आवश्यक।
9.      लेखन संयम -  अनामता का सिद्धांत (Theory of Anonomy) , प्रतिबद्धता (Commitment), ब्लैंक पोर्ट्रेड, सामान्यज्ञ (Generalist) – विशेषज्ञ (Specialist),  अंधे की लाठी, जनप्रतिनिधि केवल लोकमत दिखाता है उसका उच्च शिक्षित या विशेषज्ञ होना प्राथमिकता में नहीं आता,
10.   अनावश्यक शब्दों का प्रयोग नहीं – जैसे – एवं, तथा, किन्तु, परन्तु, चूंकि, फिर भी। इससे कापी चेकर सचेत होकर सोचने लगता है, परीक्षार्थी का आत्मविश्वास बार गिर रहा है, डगमगा रहा है, ढीला है। हमें किसी भी सूरत में परीक्षक चेकर को सचेत करने वाले शब्दों का उपयोग नहीं करना है। उसे हमारे लेख में पूरी तरह भरपूर आत्मविश्वास लगना चाहिए, चाहे वह लिखित या मौखिक परीक्षा हो, लेखन शैली ही आपके व्यक्तित्व का परीक्षण कर आपकों अधिकतम अंक देकर सफलता दिलायेंगी। आज के समय में इसी के मद्देनजर विश्व के विकसित देशों ने अपने यहां लेखन कला को एक प्रभावशाली नागरिक के व्यक्तित्व परीक्षण को सबसे बड़ा आधार बनाया है, डिग्री का स्तर कम कर दिया।  
11.   घुमावदार शब्दों का प्रयोग नहीं – अन्य, आदि, सोच रहे थे, ऐसा है कि, बार-बार कि प्रयोग न करें।
12.   जरूरी होने पर अधिकतर जगह और शब्द का उपयोग करना है – दो वाक्यों को ज्वाइंट करने या फ्लो लाने के लिए अधिकांशतः और शब्द का उपयोग आधुनिक लेखन शैली की विशेषता है। ज्वाइंट के बल पर वाक्य अधिक लंबे, अधिक ज्वाइंट वाले नहीं होना आज की विशेषता है। आज छोटे, अनज्वाइंटेड और क्रमबद्धता के साथ कम से कम शब्दों में अधिकतम बात कहने वाले सेंसफुल फ्लो वाक्यों की मांग है। आज के युग में छोटे और फ्लोअप के साथ स्वतंत्र अस्तित्व रखने वाले वाक्यों में अपनी अधिकतम बातों को शामिल कर   हमारे लेख को इंटरनेट पर ट्रांसलेटर विश्व की सभी भाषाओं में आसानी से अनुवाद कर सकता है। ये आज की लेखन शैली की विशिष्ट विशेषता है। इंटरनेट आज व्यवस्था में गुणवत्ता और निष्पक्षता लाने का अभिन्न प्राथमिक अंग बन गया है। विश्व व्यवस्था में आज सभी मर्जों की एक दवा इंटरनेट बन गया। उसके अनुकूल हमारे विचार शैली सामने आना अहम है। समाचार पत्रों में लिखी जाने वाली शैली विशेषतः संपादकीय इस अर्वाचिन – अद्यतन (Recent) विशिष्ट श्रेणी में आती है।    
13.   एक शब्द का प्रयोग बार-बार नहीं -  एक शब्द का प्रयोग बार-बार नहीं, बदल-बदलकर उसके पर्यायवाची का उपयोग करना है, हमारे पास हर शब्द के पर्यायवाची शब्दों का भंडार होना जाहिए। वाक्यों को ज्वाइंट करने के लिए भी एक शब्द बार – बार उपयोग करने का प्रयास गलत है।
14.   क्लिष्ट शब्दों का प्रयोग नहीं – शुद्ध जनभाषा का उपयोग करें, शुद्ध, सरल, सामान्य जानकारी लोगों की आम भाषा में देना है। कोटेशन धिंकर के साथ याद नहीं आते तो उनके विचारों को अपनी भाषा में लिखना है, फैक्ट कोटेशन देने पर अधिक बल न दें, शब्द सीमा के अनुसार फैक्ट कोटेशन देनकर पूंछी गई पूरी बात लिखने का प्रयास करें, लेख में भटकाव के कारण आत्मविश्वास में कमी न नजर आने लगें।
15.   क्रमबद्धता और संबद्धता आवश्यक – विशेष तौर पर विकसित की जाने वाली शैली,
16.   Coverup -  पूरा पेपर कवरअप करना अति आवश्यक, एक ओर शैक्षणिक ढांचा विकसित हो रहा है, दूसरी ओर प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का परिणाम स्तर नींचे जा रहा है, ऐसे में सामान्य ही सही मगर सभी विषयों पर अपने विचार देकर पूरे पेपर को हल कर कवरअप करने की अवधारणा अहम हो गई है। सफलता में ये भी एक अहम तत्व बन गया है। पेपर में प्रश्नों और शब्दों की संख्या बढ़ने के कारण पेपर का आकार विस्तार लेता जा रहा है, जिसे कवर करने के लिए लेखन स्कील के साथ स्पीड एकमात्र विकल्प बनकर उभरा है। तीव्र विचारों वाली तीक्ष्ण (sharp) के साथ, आज 25 शब्द प्रतिमिनट से अधिक की लेखन स्पीड की मांग / जांच होती है।
17.   सिलैबस में दिए टॉपिक ही अधिकतर प्रश्न – आजकल प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सिलैबस में दिये टॉपिक पर ही अधिकतर प्रश्न बना दिये जाते है, इसलिए हर टॉपिक पर एक आदर्श श्रेष्ठ उत्तर तैयार करना पहली प्राथमिकता लेना है।   

3.              शैक्षणिक बैकग्राउंड / रिकॉर्डः  
1.      स्कूल / कॉलेज
2.      कोर्स फैकल्टी
3.      प्रतिशत
4.      .........
5.      .....

4.              जॉब सेक्योर / अनसेक्योर
1.      सेक्योरिटी सफलता की लगभग ग्यारंटी
2.      अनसेक्योरिटी व्यथित अनसर्नेलिटी को जन्म देकर असफलता की ओर धकेलेगी। केवल जुनून ...... ?
3.      कैरियर के लिए विज्ञान / तकनीकी / व्यासायिक कोर्स जरूरी। केवल जुनून नहीं ...... ?
4.       ल........

5.              उद्देश्य / विजन / दृष्टि / कारण जो आपकों प्रेरित करते होः
1.      रकक ......
2.      ..........

6.              प्रैक्टिकल परीक्षणः
1.      MPPSC Mains -                  Paper – 1rst  , 2nd  & 3rd  
15 words -       36 second
100 words -        4 minutes
300 words -        12 minutes
                                                                                    Paper -  6th निबंध लेखन – 2 hours
                                          1000 words -    80 minutes
                                                            250 - 250  words 2 Questions  -  20 – 20 minutes

7.              परिवर्तन / सिलैबस / विषयः  
1.      किसी भी विषय पर गागर में सागर भरने या गागर से गागर से सागर भरने की कला में माहिर होना सफलता का मुख्य गुर है। आज Major  लेखन की जगह Minor और  Macro लेखन ने ले ली हैं।
2.      लिखने वाले शब्दों और समय में संतुलन आवश्यक। 180 मिनट में कुल शब्द सीमा पहले 3000 और अब वर्तमान में 4250 अर्थात् पहले 17 शब्द प्रति मिनट औक अब 24 शब्द सीमा प्रति मिनट। किसी भी विषय को सोचकर समय सीमा में क्वीक उतारकर मूर्तरूप देने वाली कला होना जरूरी या विकसित करना आवश्यक।
3.      .......

8.              कोचिंग / प्रशिक्षण संस्थानः
1.      कहग ...
Counselling Supervision Data
 Post Graduation   -  
1.      पीजी के बाद किए जाने वाले जॉब ओरिएंटेड कोर्सः
1.      PG की फैक्लटी अनुसार
2.      बी.एड., एम.एड., Ph.D., NET, SLET
3.      नेट नेट गैर तकनीकी और गैट तकनीकी विषयों में प्रोफेसर बनने का रास्ता बनाती है।
2.      प्राइवेट युनिवर्सिटी बनाम गवर्नमेंट युनिवर्सिटीः
1.      विश्वसनीयता बनाम कोर्स और कहां – कहां
2.      संस्थाएं – B.U. , अटलबिहारी हिंदी विवि, भोज ओपेन विवि, AISECT & JAGRAN LACK CITY University Bhopal,
3.      IISER,
4.      .........   

3.      पीएचडी शोध, अधिनियम 2009, कोर्सवर्कः
1.      उपर्युक्त सभी विवि,
2.      पीएचडी स्कॉल के साथ विशेतः – SC / ST / OBC
3.      पीएचडी प्रोफेसर बनने का रास्ता बनाने के साथ-साथ यह पद रूचिकर और उच्च गजस्टेड राजपत्रित है।
4.      .......
5.      ....
6.      ........


4.      ड्युल डिग्री, प्रमुख संस्थानः
1.      ग्रेजुएशन के बाद या पहले, ग्रेजुएशन के साथ पीजी या पीजी के साथ पीएचडी,
2.      संस्थान – RGPV, IISER, लगभग अन्य सभी विशेष कोर्सों में,  
3.      विशेषता एक वर्ष की बचत

5.      एजुकेशन में गेप नहीं होने के लाभः
1.      मानसिक अवसाद से बचाव, भविष्य सुरक्षित, उच्च प्रतिभा ही प्रतिस्पर्धा में ठहर सकती है, अनिश्चितता का दौर,




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 Graduation  -
1.      ग्रेजुएशन के बाद M.Tech. / GATE – PSU – IES  करने के तरीके और होने वाले भावी लाभः
1.      एम. टेक. करने के तरीके – गैट मेरीट ओरिएंटेड होने पर स्टायपन के साथ , गैट केवल क्वालिफाइ होने पर सीधे खुले प्रवेश लेकर,
2.      गैट – एम.टेक. और पीएचडी में प्रवेश का रास्ता साफ
3.      पीएसयू – उच्च पीएसयू में गैट के माध्यम से जाया जा सकता है, समान्य में खुले प्रतिस्पर्धा से,
4.      आईईएस – ये अखिल भारतीय सिविल सेवा आईएएस के स्तर की परीक्षा है इसे अपने स्तर को देखते हुए भविष्य को सुरक्षित करते हुए इस परीक्षा पर अधिक जोर दें अन्यथा नहीं।
5.      नेट – नेट गैर तकनीकी और गैट तकनीकी विषयों में प्रोफेसर बनने का रास्ता बनाती है।
6.      ……………

2.      ग्रेजुएशन के बाद किए जाने वाले व्यावसायिक, तकनीक और प्रशिक्षण कोर्स जो रोजी – रोटी का साधन बनेः
1.      Job oriented Graduation जरूरी
2.      PG IN CYBER CRIME , B.U. , साइबर क्राइम में पीजी, केवल साइंस और इंजीनियरिंग फैक्लटी वाले, साइबर क्राइम आज उभरता हुआ एक अहम मेजर क्षेत्र है।
3.      BE + LOW , नियोक्ता को मल्टीपरपस क्षेत्रों की उपलब्धता सुनिश्चितता,
4.      ग्रेजुएशन की फैकल्टी अनुसार पीजी में जॉब ओरिएंटेड फैकल्टी
5.      ड्यूल डिग्री के साथ पीजी, एक वर्ष बचत,


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 Higher Secondary  -  
1.      HSS के बाद उचित तौर पर सजेस्ट कोर्सः
1.      Graduation + Education , जैस – बीएससी बीएड, एक वर्ष बचत,
2.      ड्यूल डिग्री – ग्रेजुएशन के साथ पीजी, एक साल बचत, तकनीकी, शिक्षा और विज्ञान सभी क्षेत्रों में सुविधा उपलब्ध,
3.      12वीं की फैकल्टी अनुसार ग्रेजुएशन में फैकल्टी चयन – BE , Nursing , Medical , AIPMT , AIJEEE , AIIMS , Science ,
4.      …………

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High School  -  
1.      कैरियर को सही दिशा देने का सर्वाधिक उचित दिशा देने का समय, मालूम होना आवश्यक कि HSS  करना कहां जरूरी और नहीः
1.      ALL INDIA CIVIL SERVICES , आईएएस, में जाने के लिए – अपनी प्रतिभा अनुसार तैयारी करना है तो 10 वीं के बाद उचित समय, जॉब सेक्योर करते हुए, पहली वरीयता तकनीकी या व्यावसायिक कोर्स को, रीड बुक्स सीबीएसई बुक्स 11वीं और 12 वीं की – हिस्ट्री, पॉलिटकल साइंस, जीयोग्राफी। सिविल सर्विसेज सहित अन्य परीक्षाओं का 50 पर्सेंट जीएस कवर,
2.      PPT (PEB)
3.      ITI
4.      Poly & ITI को HSS के बराबर मान्यता

2.      परिवार की आर्थिक स्थितिः
1.      आंकलन आवश्यक

Monday, 22 January 2018

गगन को छूने को .... मेरा गणतंत्र 2018

2022 तक भारत होगा एक पूर्ण विकसित राष्ट्र

सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत राजनीति, अर्थ, समाज और धर्म सभी क्षेत्रों में निरंतर ऊंचाईयों को छूता जा रहा है। हमारे महान् स्वपन्न दृष्टा मनीषी पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को सन् 2022 तक एक पूरी तरह से विकसित देश बनाने की नींव रखी थी, उसे हमारे तपस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे ले जाने में लगें है।  

भारत ने आज सबकों संदेश दे दिया है, कि हिन्दुस्तान के मस्तिष्क में साफ है, वो लोकतंत्र वाले गणतंत्र में विश्वास रखता है। हमारे देश का मुखिया एक साधारण से साधारण व्यक्ति बन सकता है। हमारे देश के मतदाताओं की आयु निरंतर परिपक्वता की ओर बढ़ती जा रही हैं। आज हमारी न्यायपालिका की निष्पक्षता के साथ बढ़ती सक्रियता में जन विश्वास लगातार बढ़ता जा रहा है। हमारी विधायिकाएं गुणात्मक नीतियों का एकत्रिकरण कर रही है। कार्यपालिका में सादगी के साथ सच्चचरित्रता को बढ़ावा मिल रहा है। 
मतदाता हमारे लोकतंत्र से अनिश्चितता और सम्प्रदाय या समाज पर आधारित कट्टरता को बॉय-बॉय करते जा रहे हैं। 2014 के लोकसभा और उसके बाद उत्तरप्रदेश विधान सभा में एक दल को भारी बहुमत देकर लोकतंत्र से अनिश्चित्ता के डर को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया।
भारत की व्यवस्था तेज गति से डिजिटिलाइजेशन के जरिए पूर्ण पारदर्शिता और भ्रष्टाचार से मुक्त होने की ओर बढ़ रही है। हमारे चुनाव धन बल से उपजे बाहुबल के कुप्रभाव से मुक्त होने जा रहे हैं। अब चंदा चुनावी बांड से एकत्रित होने जा रहा है। सार्वजनिक जीवन में सादगी और सच्चचरित्रा से उत्पन्न आत्मबल को बढ़ावा मिल रहा है। देश के 14 या 14 से कम आयु तक के बच्चों के लिए शिक्षा के मूल अधिकार के साथ गरीब बालक – बालिकाओं को अमीरों की बराबरी करने के लिए देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में 25 प्रतिशत आरक्षित स्थान मिल गए है। 
समानता, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण हमारे देश के नीति नियंताओं की पहली प्राथमिकताएं बन गए है। आज देश में लोक सेवा, सैन्य और आंतरिक सुरक्षा सेवाओं के उच्च पदों पर महिलाएं अपनी सक्षमता साबित कर रही हैं। वो आज देश की सीमाएं भी संभाल रही हैं। इन साहसी कामों के साथ उसने अब विनियमन के कामों में भी जोरदार हाजरी दे दी है। आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की रक्षा मंत्री एक नारी निर्मला सीतारण है।  हमारा देश आगे बढ़कर आज नीति बनाने के कार्यों में महिलाओं के लिए संसद और राज्य विधान सभाओं में एक तिहाई स्थान आरक्षित कर लिंग भेद को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी कर चुका है। मध्यप्रदेश सरकार ने तो अपने यहां की स्थानीय सरकारों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत स्थान आरक्षित कर बराबरी का दर्जा दे दिया है। मानव अधिकारों के हनन पर आज हमारी बाज नजर है।

लोगों को जगाने के लिए आज देश में आरटीआई, आरटीई, सोसल एक्टिवेटर और व्हिसिल ब्लोअर का जाल फैलता जा रहा है। परम्परा से चले आ रहे डर की जगह आज प्रणोत्सर्ग साहस ने ले लिया है। आज देश की तीन चौथाई से अधिक आबादी को खाद्य सुरक्षा के साथ रोजगार की गारंटी मिल गई है। बाल मजदूरी आज देश विदाई ले रही है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी उभरती अर्थव्यवस्था बनकर चुनौती देने आगे बढ़ रही है।
परिवार, समाज में बेसहारा लोगों के ऊपर सरकार का साया बढ़ता जा रहा है। आज देश की सेना विश्व की अग्रणी सैन्य सुरक्षा सेवाओं की श्रेणी में आ खड़ी हुई है। हम अब अंतर्राष्ट्रीय पंचायत यूएनओ की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् में स्थान पाने से चन्द कदम दूर है। हमारे पक्ष में विश्व बिरादरी का रूझान लगाता बढ़ता जा रहा है। अस्प्रश्यता देश से लगभग पूरी तरह जा चुकी है। समानता हमारे दरवाजे पर दस्तक दे चुकी है। गलत परंपराओं और  कट्टरता की जगह विकास लेता जा रहा है। अब सब अच्छा और शांत जीवन बीताना चाहते है।

आज हमारा देश एकात्म मानववाद से तेजोमय हो रहा है। अन्त्योदय आज देश का पहला हितग्राही बन गया है। आज भारत का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद विश्व गुरू बनने जा रहा है। हमारा सनातन आशावाद आज दुनिया के लिए जीवन मंत्र बनता जा रहा है, इससे लोगों में जीवन जीने की कला आती जा रही है।
लिखने को मेरे पास और भी है, लेकिन यहां मेरी लेखनी को संदेह के बिना रोकना चाहूंगा। भारत सन् 2022 तक विकसित देशों की श्रेणी में अग्रणी खड़ा होकर विश्व को गुरू संदेश दे रहा होगा।