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Friday, 4 March 2022

"एक विचार" "एक अनुकरण" बना शिवराज : 5 मार्च जन्मदिन पर विशेष

मैं उस समय से पांव-पांव वाले इस बड़े भैया को जानता हूं । जब से विदिशा लोकसभा के लगभग 1500 गांव कुशाभाऊ ठाकरे, सुंदरलाल पटवा, लखीराम अग्रवाल और कैलाश नारायण सारंग के लोक व्यक्तित्व में पूरे किए। यदि शिवराज ने कुशाभाऊ ठाकरे से लोक सेवा का परम धर्म सीखा। सुंदरलाल पटवा से आक्रामक निडर सार्वजनिक जीवन शैली लेते हुए शिवराज जी ने अपने जन हितेषी व्यक्तित्व को निखारा। तो कैलाश नारायण सारंग ने उन्हें एक निष्ठा लगन दी। उस समय के वरिष्ठ नेता लखीराम अग्रवाल हो या अन्य कोई सभी की जन हितेषी ललक ने शिवराज के जीवन पर एक अमिट छाप छोड़ी और शिवराज अपने जन व्यक्तित्व में एक विनम्र सिंह बनकर उभरे। शिवराज सिंह चौहान के गुरु ने गलती नहीं करने के लिए उन्हें मंत्र "मत चूको चौहान" दिया और सन 2005 से शुरू हुआ शिवराज। 
शिव मतलब लोक कल्याणकारी एक भागीरथ प्रयास। कुछ ही वर्षों में लगने लगा अब मध्य प्रदेश में विकास की गंगा बहेगी प्रगति की गति तेज होगी नई आशा का  प्रदेश में संचार हुआ। आज शिवराज जी के व्यक्तित्व ने उन्हें मध्य प्रदेश का लोकप्रिय जन हितेषी किसान का बेटा बेटियों का मामा मध्य प्रदेश का लोकप्रिय मुख्यमंत्री बना दिया। अपने अथक प्रयासों से आज मध्यप्रदेश में कृषि विकास दर, सिंचाई रकबा, ऊंचाइयों को छू रहे सामाजिक सुरक्षा के स्तर, प्रदेश में बेटियों के निश्चिंत जीवन सम्मान के साथ बेटियों के लिए इस मामा ने अवसरों को सुलभ कराया। हमारे गरीब कमजोर भाइयों के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास का निर्माण कर उन्हें सम्मान गौरव का जीवन दे रहे हैं जो गरीब के लिए बड़े ही गर्व की सम्मान की बात बनी है। आधुनिक लोक राज्य की विशेषता राज्य का कोई व्यक्ति भूखा नहीं सो सकता को साकार करने के लिए कोरोना काल में ही नहीं हमेशा गरीबों के लिए शिवराज में निशुल्क राशन की व्यवस्था की जा रही है। आज शिवराज का जीवन व्यक्तित्व अंत्योदय को निरंतर साकार कर रहा है पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी और कुशाभाऊ ठाकरे के सपनों को पूरा कर रहा है और अपनी मातृभूमि की सेवा लगन भागीरथी प्रयासों के साथ कर रहे हैं। स्वतंत्रता के बाद लंबे समय से पिछड़ा मध्य प्रदेश किसी भागीरथी मुखिया का इंतजार कर रहा था मध्यप्रदेश में इस खाली स्थान को शिवराज जी ने भरकर पूरा किया है और आज मध्य प्रदेश विकास के मामले में अग्रणी राज्यों के साथ कदमताल कर रहा है और गरीबी के दलदल से बाहर निकल गया है जो शिवराज जी के अथक प्रयासों से संभव हो पाया है।
नागरिकों के अपने विकास, व्यवसाय, वाणिज्य की निजी प्रगति के लिए मध्य प्रदेश वित्त लोन उपलब्ध कराने वाले अग्रणी राज्यों में से एक है। चाहे बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण, अवसर, लोन और अपने स्टार्टअप शुरू करने हो। युवाओं को एक नए कॉन्फिडेंस आत्मविश्वास में लिया है और उनमें अपने रोजगार स्थापित करने के लिए  मध्यप्रदेश में एक नया आत्मविश्वास जगाया है। शिक्षक, पटवारी, पुलिस सचिवालय और प्रशासन के अनेक क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं के अवसर युवाओं को पिछले 15 वर्षों में मध्य प्रदेश सरकार ने दिए हैं। शिवराज सरकार के किए गए काम तो अनेक है लेकिन मध्य प्रदेश की लोकप्रिय शिवराज सरकार के सभी काम का उल्लेख करना यहां संभव नहीं है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का मुख्यमंत्री का यह लंबा कार्यकाल बिल्कुल उनके नाम को "सत्यम-शिवम- सुंदरम" के समान साकार करता हुआ आगे बढ़ रहा है। जो सच्चे अर्थ में शिवराज सिंह चौहान के जीवन, व्यक्तित्व और उनकी शैली को आसान तरीके से समझा देता है। समझने में सहायक है। शिवराज सिंह चौहान का लोक जीवन एक विचार की तरह आकार लेता हुआ आगे बढ़ रहा है। हमारे लिए एक अनुकरण का रूप लेता जा रहा है। राजनीति के सार्वजनिक जीवन में एक अनुसंधान का विषय बनता जा रहा है जो शोध योग्य है। कहे तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
मैंने भी अपने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संवेदनशील,  उदार, संयम, गंभीर, धैर्य, सहनशील सेवा भाव से प्रेरणा सीख लेते हुए साल 2018 में मुलताई विधानसभा के लगभग 200 से ऊपर गांव का प्रवास "पांव-पांव वाले छोटे भैया" बनकर किया जो आज भी लगातार जारी है। यह उनके जन्मदिन पर शिवराज सिंह चौहान जी को मेरी ओर से एक लोक उपहार है। जियो हजारों साल... शिवराज जी की हमेशा जय हो...विजय हो....! 

Tuesday, 8 February 2022

उत्तर प्रदेश में जीतेगा योगी का मनोवैज्ञानिक प्रभाव

उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2022
भविष्य में विचारधारा ही रहेगी जिंदा, निष्ठा हो जाएगी गौण विलोपित
            उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2022 में मतदाताओं के मन मस्तिष्क पर बना मनोवैज्ञानिक प्रभाव जीतेगा और योगी की विजय होगी। जहां से 2024 के देश में होने वाले आम चुनाव का रास्ता दिल्ली तक जाता है। लोगों को पहली बार उत्तर प्रदेश में शांति और व्यवस्था का सुकून मिला है एहसास हुआ है। व्यक्ति क्या चाहता है अपने जीवन में बेफिक्र चैन। बिना डर के अपने और मां बहनों के लिए स्वतंत्र जीवन। 
उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ की प्रदेश सरकार ने इसी प्राथमिक कार्य को पहले पूरा किया है l प्रदेश से गुंडाराज दादागिरी रंगदारी और माफियाओं का लगभग पूरा सफाया कर दिया है और लोगों को सुशासन दिया है। योगी जी के इसी महत्वपूर्ण प्राथमिक कार्य ने लोगों के ऊपर एक विशेष चमत्कारिक दूरदर्शी मनोवैज्ञानिक प्रभाव उत्तर प्रदेश की जनता में बनाया है उत्पन्न किया है। उत्तर प्रदेश की जनता जनार्दन भली-भांति समझ रही की योगी एक स्वतंत्र निष्पक्ष और निडर मुख्यमंत्री है जो खुद के लिए नहीं समाज देश प्रदेश और जनता के लिए जीता है। किसी वंश परिवार सुप्रीमो या निजी हित के लिए नहीं। योगी जी की साधारण सरल संत छवि इसकी साक्षी है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी ने प्रदेश में राष्ट्रीय स्वाभिमान और आर्थिक विकास को एक नई गति दी है। भले ही उनके द्वारा उठाए गए आर्थिक विकास के कदम इन 2 वर्षों की लंबे कोरोना काल के कारण डगमगाए हो। लेकिन लोगों को इस पर अधिक एतराज नहीं है। उन्हें इसका अहसास है कि लोकहित के लिए जीने वाले अगले मुख्यमंत्री तो योगी आदित्यनाथ जी ही होना चाहिए होंगे और जनता जनार्दन उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाएगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2022 में निष्ठा सबसे अधिक तेज गति से दरकती विलोपित Eliminate होती नजर आई है। लोगों में निष्ठा अब ज्यादा देर नहीं टिकने वाली है। अब व्यक्ति निजी हित के लिए जीने को मजबूर है या कहो बेईमान है या फिर उसकी महत्वाकांक्षा की भूख बढ़ती जा रही है। भविष्य में केवल विचारधारा ही काम करेगी। निष्ठा गौण हो जाएगी।  निष्ठा बौनी हो जाएगी। लगभग समाप्त प्राय हो जाएगी। विचारधारा ही शासन का क्रियान्वयन और दिशा तय करेगी नेतृत्व करेगी। विचारधारा द्वारा चयन किए गए शासक एक अधिनायक की तरह जन सेवा की गुणवत्ता देते रहेंगे। और विचारधारा को क्रियान्वित करेंगे। नागरिकों को केवल विचारधारा को मजबूत करने के लिए निस्वार्थ सेवा करनी होंगी। देश समाज को मजबूत करने के लिए इसे जनता को अपना एक राष्ट्रीय कर्तव्य समझकर पूरा करना है। सीधे निजी लाभ की जगह हमें केवल राज्य की सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ताओं की आशा करनी होगी।
भारत ही नहीं विश्व की प्रभावशाली शासकों में से एक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के राष्ट्रीय तत्वों को मजबूत करने वाले अहम प्राथमिक कार्यो के कारण भाजपा के पक्ष में मतदान की लहर बनी है। देश में प्रधानमंत्री जी के द्वारा किए जा रहे आर्थिक कार्यों सुधारों और नव निर्माण का मतदाताओं पर विशेष प्रभाव पड़ा है। मोदी जी की सुरक्षा नीति सैन्य नीति और विदेश नीति के लोग कायल प्रशंसक हो गए हैं। ऐसे अनेक कारण है जिन्होंने जनता के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव उत्पन्न किया है डाला है। भले ही कमी-बीसी (19-20) कुछ हो। लेकिन मोदी योगी की जुगलबंदी का यही वह मनोवैज्ञानिक प्रभाव है जो पुनः विधानसभा 2022 के आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को विजय दिलाएगा। योगी जी का परचम लहराएगा। योगी की जय होगी।  विजय होगी। योगी आदित्यनाथ पुनः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। होंगे।

Wednesday, 2 February 2022

कुशाभाऊ ठाकरे जन्म शताब्दी वर्ष 2021 - 2022

मध्य प्रदेश एक ऐसे अमर कर्मयोगी मौन तपस्वी का जन्म शताब्दी वर्ष मना रहा है जिसकी जीवनशैली बाधाओं प्रतिरोधों से ऊपर उठकर रचनात्मक निर्माण अपनी मंजिल की ओर बढ़ती रही 15 अगस्त 1922 को जन्म लेने वाले मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक पित्र पुरुष कुशाभाऊ ठाकरे की यह विशिष्ट अबाध्य जीवन शैली युवाओं के लिए अपने सामाजिक आर्थिक राजनीतिक और मूल्यवादी जीवन को निष्कलंक निष्काम सेवा भाव से आगे बढ़ाने के लिए एक अमर प्रेरणा अमर संदेश है जिसे हर युवाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए मूर्त रूप देना चाहिए कि किस तरह हम कुशाभाऊ ठाकरे जी के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में आने वाली समस्याओं को पार करके अपने जीवन को बाधाओं से रहित बनाते हुए बाधा की चिंता किए बिना अपने जीवन को निरंतर आगे बढ़ा सकते है 
कुशाभाऊ ठाकरे के सामाजिक संबंधों का प्रबंधन भी अद्वितीय था उनसे मिलने आने वाले प्रदेशभर के कार्यकर्ता उनके अन्नपूर्णा भोजनालय में भोजन पाकर तृप्त होते और पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाते भोजनालय का प्रबंधन और देखरेख उनके मॉल मौन साधक बापूजी करते थे एक परम भक्त सेवक के रूप में हनुमान बनकर अपने बड़े भाई कुशाभाऊ ठाकरे जी की सेवा उनके छोटे भाई जयंत ठाकरे जी आजीवन करते रहे दोनों भाइयों का संबंध जीवन बिल्कुल बिना किसी लाभ की आशा के पूरी तरह निस्वार्थ राम लक्ष्मण की तरह था 
नर सेवा को नारायण सेवा मानने वाले प्रखर राष्ट्रवादी कुशाभाऊ ठाकरे के आदर्शों सिद्धांतों और विचारों को मूर्त रूप देते हुए आज मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सरकार दो दशक पूरा करने जा रही है मध्य प्रदेश को विका
स की ऊंचाइयों पर ले जा रही है प्रदेश में कुशाभाऊ की इच्छा अनुसार प्रशंसनीय विकास कार्य किया है और कर रही है 
 जनमानस के बीच सादा सरल और स्वच्छ चरैवेति चरैवेति का खाटी जीवन जीने वाले महान व्यक्तित्व के धनी कुशाभाऊ ठाकरे जी का 28 दिसंबर 2003 को निधन हो गया ठाकरे जी की आत्मा ब्रह्मलीन हो गई और वह हमारे बीच से चले गए 
इस जन्म शताब्दी वर्ष में हम सभी अपनी निष्पक्ष छवि और मेहनत के बल पर मध्य प्रदेश में भाजपा को गढ़ने वाले और अटल बिहारी वाजपेई जैसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री के काल में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक पहुंचने वाले इस महान व्यक्तित्व के धनी कुशाभाऊ ठाकरे जी की मूल्य वादी जीवन शैली को अपने जीवन में अपनाकर अपने जीवन को लोक कल्याण का जीवन अर्थ दे सकते हैं यही हमारी ठाकरे जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि कृतज्ञता होगी
 कुशाभाऊ ठाकरे अमर रहे अमर रहे 

Sunday, 31 October 2021

मेरी उम्र , मेरा मध्य प्रदेश - स्थापना दिवस 1 नवंबर 2021 पर विशेष

1966 से मध्य प्रदेश का मैं साक्षी। मेरी आंखों के सामने बीमारु मध्य प्रदेश ने कैसे गंभीर रुप धारण किया, बढ़ता गया, और ऊंचाइयों की ओर बढ़ता चला जा रहा हैं । 1970 के दशक, सोयाबीन आने के प्रारंभिक समय से लेकर गरीबी, बेबसी देखी भोगी। इस बेबस दौर की परिस्थिति ने मुझे अपने समाज, आसपास के लोगों, माता पिता, गांव के लिए कुछ करने प्रेरित किया। और 1984 में निकल पड़ा राजधानी भोपाल, करने लग गया सिविल सेवा की तैयारी। तभी से मैं मेरे प्रदेश की विकास यात्रा से निरंतर अपडेट होता रहा। 
 1990 के दशक में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों को पढ़ाया जाता था। मध्य प्रदेश के विकास के लिए एक भागीरथी मुख्यमंत्री की जरुरत है। जब तक मध्य प्रदेश को भागीरथी तप और मानव मात्र की कल्याण की भावना वाला व्यक्ति नहीं मिलता तब तक प्रदेश के विकास की गति तेज नहीं हो सकती। 1990 - 1992 में ढाई वर्ष के लिए सुंदरलाल पटवा जी की सरकार बनी लेकिन विडंबना के कारण यह सरकार गिर गई। केरियर बनाने की उच्च शिक्षित युवा दहलीज ने 1993 से 2003 का स्थिर, दुरुह, विकास का संक्रमण, ठहराव देखा और भोगा है।
अंततः 2003 आशा की प्रभात उदय किरण लेकर आया। प्रदेश में भाजपा की सरकार आई। उमा श्री भारती मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी। पंडित दीन दाल उपाध्याय जी का अंतोदय सरकार के कार्यों के केंद्र में आया। अंतिम बेसहारा व्यक्ति का उत्थान शुरू हुआ। मानव सेवा सरकार का मिशन बना। शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनते ही प्रदेश की लंबे समय से चली आ रही आशा पूरी हुई। अपने लंबे शासनकाल में भागीरथी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने तप, मेहनत, समन्वय और दूरदर्शी कार्यों के बल पर प्रदेश को आज बीमारु राज्य की श्रेणी से बाहर निकाल लिया हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, मानव संसाधन, तकनीक, वित्त, बैंक, कृषि, सिंचाई, गुडगवर्नेंस, डिजिटल तकनीक, कानून और व्यवस्था सहित लगभग हर क्षेत्र में मेरा मध्य प्रदेश देश के सभी राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए आगे निकलने के प्रयास में कदमताल कर रहा है। आज मेरा मध्य प्रदेश गौरव गान गा रहा है। प्रदेश का हर नागरिक उत्साह, उमंग, स्वाभिमान के साथ गर्व महसूस कर रहा है। स्फूर्ति के साथ आगे बढ़ रहा हैं। प्रदेश और शेत्र के सभी भाई - बहनों को मध्य प्रदेश की स्थापना दिवस 1नंबर की बहुत-बहुत हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं......!
 मेरा मध्य प्रदेश महान
 वंदे मातरम
भारत माता की जय

Thursday, 21 October 2021

मध्यप्रदेश में साकार होता ...... " सत्यम - शिवम - सुंदरम " मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2021

भारतीय संस्कृति हमें अमर संदेश देती हैं। सत्य ही शिव है,  शिव ही लोक कल्याणकारी हैं, लोक कल्याण ही सुंदर है और जो सुंदर है वही सत्य है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इस भावना के कारण आज मध्यप्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल 2003 के बाद प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में 526% से अधिक की वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय ₹15442 प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति से बढ़कर ₹ 79909 प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति से अधिक हो गई है।  जो आप हमें बताता है कि मध्य प्रदेश एक बीमारू राज्य के श्राप से बाहर निकल कर देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में तेजी से अपने मजबूत कदम के साथ आगे बढ़ रहा है। आज मध्य प्रदेश का आम बजट दो लाख करोड़ रुपए प्रति वर्ष से अधिक हो गया है।  
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय विचारों को साकार करते हुए गरीबों के खाने के लिए एक रुपए प्रति किलो अनाज देते हुए उनके लिए प्रधानमंत्री आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए गरीब को रोटी की चिंता से बाहर निकाल लिया गया है और आवास देकर आत्मसम्मान गर्व की जिंदगी दी जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के सपने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को आगे बढ़ाकर आज लगभग सभी गांवों को पक्की सड़क से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील उत्साही और आसावान बना दिया गया है। प्रधानमंत्री उज्वाला योजना ग्रहणी माता बहनों को गैस चूल्हा मुफ्त में देकर रसोई बनाने के काम को आसान कर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है।  
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने फसलों के उत्पादन को अनिश्चितता से बचाते हुए सरकार किसानों को वित्तीय सुरक्षा दे रही है। प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ राज्य स्तरीय सीसी सड़क मार्गों का निर्माण तीव्र गति से हो रहा है बन रही सड़क मार्गों की निर्माण गुणवत्ता उच्च स्तर की है जो हमें अपनी आंखों से देखने को मिल रही है। तकनीकी, चिकित्सा, प्रबंधन और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उच्च स्तर के प्रशिक्षित मानव संसाधन को बनाया जा रहा है। प्रदेश में डिजिटाइजेशन को निरंतर नया आयाम दिया जा रहा हैं। अब छात्र छात्राओं के लिए कोई भी शिक्षा प्राप्त करने के लिए पैसे की कमी नहीं है उन्हें छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण के माध्यम से धन की उपलब्धता आसानी से हो रही है। मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना ने तो छात्रों के सपनों को पंख ही लगा दिए हैं।
 प्रदेश की आर्थिक धार्मिक धमनियों में बहने वाली बिजली का उत्पादन 2003 में केवल 2900 मेगावाट था जिसे अब शिवराज सरकार ने 18384  मेगावाट  से आगे पहुंचा दिया है और आज प्रदेश के गांव में 24 घंटे घरेलू बिजली मिल रही है और किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे प्रतिदिन बिजली मिल रही है। बिजली उत्पादन में हुई इस वृद्धि से उद्योगों ने भी राहत की सांस ली ली है और निरंतर तरक्की की जा रही है।
 अपने शासनकाल के 10 वर्षों में कांग्रेस सरकार ने 2003 तक प्रदेश में कृषि की विकास दर को 3% से ऊपर नहीं ले जा पाई। आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने अपने परिश्रम से मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर को 18. 89% से ऊपर पहुंचा दिया है। कृषि निवेश, विपणन, भंडारण और परिवहन की विकसित व्यवस्था ने मध्य प्रदेश की ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था को एक नया प्रतिस्पर्धी आयाम दिया है। इसका श्रेय किसान पुत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जाता है। 0% से नीचे ऋणत्मक ब्याज दर पर खेती के लिए ऋण दिया जा रहा है और समय पर खाद, बीज और कीटनाशक की व्यवस्था करते हुए नई कृषि तकनीक को तेज गति से अपनाया जा रहा है। जिससे पिछले डेढ़ दशक में राज्य में गेहूं के उत्पादन में उत्पादन में 345% से अधिक वृद्धि कर दी हैं। जलाशयों के निर्माण को मिली गति ने प्रदेश में नहरों से सिंचाई के क्षेत्र को शिवराज सरकार ने पिछले 15 वर्षों में 7 से 40 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा दिया है। कृषि फसलों के उत्पादन से किसानों के पास वित्तीय पूंजी निर्माण के साथ-साथ  आय निश्चित होने से किसानों में खेती के प्रति उत्साह का संचार हुआ है। शिवराज सिंह सरकार ने कृषि के लिए बनाए अनुकूल सुविधाओं माहौल ने आज मध्य प्रदेश के कृषि उत्पादन को 2.14 से सीधे 5.44 करोड़ मीट्रिक टन से आगे ले जा लिया है।
 शिवराज सिंह सरकार ने अपने अथक प्रयासों से मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर को 379 से 221 प्रतिवर्ष पर लाकर मध्यप्रदेश में शिशु मृत्यु दर को 86 से 47 प्रतिवर्ष पर ले आया है और प्रदेश में 22% से बढ़कर अब  86% से अधिक लोग संस्थागत प्रसव कराने लगे हैं। प्रदेश में अब दो की जगह 36 लाख से अधिक बेसहारा लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलने लगी है। यह लोग अब आत्मसम्मान का जीवन जी रहे हैं। 
गरीबों की सुरक्षा और उनके उत्थान के लिए बनाई गई मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन कल्याण " संबल योजना "  ने तो शिवराज सरकार को मध्य प्रदेश की जनता के लिए पालक गार्जियन बना दिया है और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने पालक सरकार " गार्जियन गवर्नमेंट " का आकार ले लिया है । हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अन्य सैकड़ों योजनाएं हैं जिसने लोक कल्याण को राजधर्म के केंद्र में ला दिया है और अब विकास प्रमुख है। लगता है मध्य प्रदेश में हो रहे एक लोकसभा और 3 विधानसभा के इन चुनावों में जनता लोक कल्याण के लिए सत्यम शिवम सुंदरम को ध्यान में रखते हुए अपना बहुमूल्य मत भाजपा को देकर विजय ध्वज भारतीय जनता पार्टी के हाथों में देगी और देना भी चाहिए। सत्य मेव जयते ... अंततः जन गण मन अधिनायक जय हे ..... !
DINESH SAHU
राष्ट्रीय संयोजक
All India movement for democratic reforms
यह लेखक के अपने व्यक्तिगत विचार हैं

Monday, 18 October 2021

भारतीय जनता पार्टी बेहतर विकल्प - मध्य प्रदेश उपचुनाव 2021

             आज के समय में लोकतंत्र ने विकास प्रशासन का स्वरूप ले लिया है। अच्छे से अच्छा शासन कहलाने के लिए लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा दिनों - दिन बढ़ती जा रही हैं। सभी राजनीतिक दल जनता को अधिक से अधिक सुविधाएं देकर सत्ता में आना चाहते हैं और जनता भी अधिक से अधिक सुख शांति और समृद्धि चाहती हैं जनता छोटे से छोटे कार्य के लिए लोक कल्याणकारी राज्य की ओर देख रही हैं। विकसित देशों की तरह अब जनता का एक केंद्र बिंदु बन गया है - विकास। राजनीतिक दलों और जनता दोनों की निजी हित की विवशता के कारण लोक कल्याण केंद्र में आ गया हैं। मतदाताओं को बहलाने लोभ देने और भ्रम के सहारे उनका उपयोग राजनीतिक दलों के लिए अब गौण बन गया है। अधिकांश जगह केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर अभी भाजपा की सरकार है। मोदी-01 सरकार के बाद अब निरंतर मोदी-02 सरकार राष्ट्र के स्वाभिमान और गौरव को एक निष्पक्ष समान स्थाई दूरदर्शी आयाम देते हुए सेना विदेश स्वास्थ्य शिक्षा कृषि आधारभूत उद्योग और परिवहन के साथ-साथ अन्य सभी क्षेत्रों में विकास को एक सुदृढ़ विकसित स्वरूप दे रही है और अर्थव्यवस्था को निरंतर ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।
 हमारे मध्य प्रदेश के भागीरथी मुख्यमंत्री माननीय शिवराज सिंह चौहान जी ने कांग्रेस के समय बीमारू राज्य कहे जाने वाले मध्य प्रदेश को जनता के लिए मध्य प्रदेश सरकार को गार्जियन पालक सरकार बना दिया है। मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार की लाडली लक्ष्मी कन्यादान संबल योजना जैसी लोक कल्याणकारी सैकड़ों योजनाओं के साथ कृषि निवेश शिक्षा स्वास्थ्य आत्मनिर्भरता की मामले में प्रदेश की जनता जनार्दन को चिंता मुक्त कर दिया है और जनजीवन के अन्य सभी आर्थिक क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को नई ऊंचाइयों पर लेकर गए हैं और ले जा रहे हैं। अपने भागीरथी ईमानदार प्रयासों के कारण ही आज शिवराज सिंह चौहान जी मध्य प्रदेश के एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री बनकर उभरे हैं। 
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह दोनों के केंद्रबिंदु में दीनदयाल जी के एकात्म मानववाद का अंत्योदय विकास है। केंद्र और राज्यस्तरीय खाद्य वितरण व्यवस्था को मजबूत विकसित रूप देकर गरीब को भूखे रहने की आशंका से बाहर निकाल लिया गया है। भाजपा सरकारों की सभी लोक कल्याण की विकास योजनाओं की चर्चा करना यहां संभव नहीं है। 
बदलते राजनीतिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश में हो रहे इन लोकसभा और विधानसभा के इन उपचुनाव में कांग्रेस या अन्य किसी विपक्ष के भ्रम में नहीं आ कर जनता को अपना हित ध्यान में रखते हुए अपनी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के विकास के लिए शासन में सत्ता में बैठे राजनीतिक दल भाजपा को अपना बहुमूल्य वोट देकर विजय बनाना चाहिए और अपने विकास को सुनिश्चित करना चाहिए। मध्य प्रदेश में हो रहे लोकसभा और विधानसभा के इन उपचुनाव में जनता के पास भारतीय जनता पार्टी एक बेहतर विकल्प है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर मतदान करेंगे तो परिणाम जन हितेषी निकलेंगे और इसी में लोक कल्याण निहित है 
                                         दिनेश साहू 
                                    राष्ट्रीय संयोजक
   All India Movement For Democratic Reforms
                    यह लेखक के अपने व्यक्तिगत विचार हैं

Monday, 22 January 2018

गगन को छूने को .... मेरा गणतंत्र 2018

2022 तक भारत होगा एक पूर्ण विकसित राष्ट्र

सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत राजनीति, अर्थ, समाज और धर्म सभी क्षेत्रों में निरंतर ऊंचाईयों को छूता जा रहा है। हमारे महान् स्वपन्न दृष्टा मनीषी पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को सन् 2022 तक एक पूरी तरह से विकसित देश बनाने की नींव रखी थी, उसे हमारे तपस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे ले जाने में लगें है।  

भारत ने आज सबकों संदेश दे दिया है, कि हिन्दुस्तान के मस्तिष्क में साफ है, वो लोकतंत्र वाले गणतंत्र में विश्वास रखता है। हमारे देश का मुखिया एक साधारण से साधारण व्यक्ति बन सकता है। हमारे देश के मतदाताओं की आयु निरंतर परिपक्वता की ओर बढ़ती जा रही हैं। आज हमारी न्यायपालिका की निष्पक्षता के साथ बढ़ती सक्रियता में जन विश्वास लगातार बढ़ता जा रहा है। हमारी विधायिकाएं गुणात्मक नीतियों का एकत्रिकरण कर रही है। कार्यपालिका में सादगी के साथ सच्चचरित्रता को बढ़ावा मिल रहा है। 
मतदाता हमारे लोकतंत्र से अनिश्चितता और सम्प्रदाय या समाज पर आधारित कट्टरता को बॉय-बॉय करते जा रहे हैं। 2014 के लोकसभा और उसके बाद उत्तरप्रदेश विधान सभा में एक दल को भारी बहुमत देकर लोकतंत्र से अनिश्चित्ता के डर को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया।
भारत की व्यवस्था तेज गति से डिजिटिलाइजेशन के जरिए पूर्ण पारदर्शिता और भ्रष्टाचार से मुक्त होने की ओर बढ़ रही है। हमारे चुनाव धन बल से उपजे बाहुबल के कुप्रभाव से मुक्त होने जा रहे हैं। अब चंदा चुनावी बांड से एकत्रित होने जा रहा है। सार्वजनिक जीवन में सादगी और सच्चचरित्रा से उत्पन्न आत्मबल को बढ़ावा मिल रहा है। देश के 14 या 14 से कम आयु तक के बच्चों के लिए शिक्षा के मूल अधिकार के साथ गरीब बालक – बालिकाओं को अमीरों की बराबरी करने के लिए देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में 25 प्रतिशत आरक्षित स्थान मिल गए है। 
समानता, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण हमारे देश के नीति नियंताओं की पहली प्राथमिकताएं बन गए है। आज देश में लोक सेवा, सैन्य और आंतरिक सुरक्षा सेवाओं के उच्च पदों पर महिलाएं अपनी सक्षमता साबित कर रही हैं। वो आज देश की सीमाएं भी संभाल रही हैं। इन साहसी कामों के साथ उसने अब विनियमन के कामों में भी जोरदार हाजरी दे दी है। आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की रक्षा मंत्री एक नारी निर्मला सीतारण है।  हमारा देश आगे बढ़कर आज नीति बनाने के कार्यों में महिलाओं के लिए संसद और राज्य विधान सभाओं में एक तिहाई स्थान आरक्षित कर लिंग भेद को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी कर चुका है। मध्यप्रदेश सरकार ने तो अपने यहां की स्थानीय सरकारों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत स्थान आरक्षित कर बराबरी का दर्जा दे दिया है। मानव अधिकारों के हनन पर आज हमारी बाज नजर है।

लोगों को जगाने के लिए आज देश में आरटीआई, आरटीई, सोसल एक्टिवेटर और व्हिसिल ब्लोअर का जाल फैलता जा रहा है। परम्परा से चले आ रहे डर की जगह आज प्रणोत्सर्ग साहस ने ले लिया है। आज देश की तीन चौथाई से अधिक आबादी को खाद्य सुरक्षा के साथ रोजगार की गारंटी मिल गई है। बाल मजदूरी आज देश विदाई ले रही है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी उभरती अर्थव्यवस्था बनकर चुनौती देने आगे बढ़ रही है।
परिवार, समाज में बेसहारा लोगों के ऊपर सरकार का साया बढ़ता जा रहा है। आज देश की सेना विश्व की अग्रणी सैन्य सुरक्षा सेवाओं की श्रेणी में आ खड़ी हुई है। हम अब अंतर्राष्ट्रीय पंचायत यूएनओ की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् में स्थान पाने से चन्द कदम दूर है। हमारे पक्ष में विश्व बिरादरी का रूझान लगाता बढ़ता जा रहा है। अस्प्रश्यता देश से लगभग पूरी तरह जा चुकी है। समानता हमारे दरवाजे पर दस्तक दे चुकी है। गलत परंपराओं और  कट्टरता की जगह विकास लेता जा रहा है। अब सब अच्छा और शांत जीवन बीताना चाहते है।

आज हमारा देश एकात्म मानववाद से तेजोमय हो रहा है। अन्त्योदय आज देश का पहला हितग्राही बन गया है। आज भारत का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद विश्व गुरू बनने जा रहा है। हमारा सनातन आशावाद आज दुनिया के लिए जीवन मंत्र बनता जा रहा है, इससे लोगों में जीवन जीने की कला आती जा रही है।
लिखने को मेरे पास और भी है, लेकिन यहां मेरी लेखनी को संदेह के बिना रोकना चाहूंगा। भारत सन् 2022 तक विकसित देशों की श्रेणी में अग्रणी खड़ा होकर विश्व को गुरू संदेश दे रहा होगा।